Wednesday, 7 December 2011

दीपावली में चमका पुराना सोना ......

इस बार मै दीपावली के पटाखे नहीं फोड़ पाया . भगवान को शायद यही मंजूर था . नरक चौदस के दिन एक दुखद खबर मिली कि माताराम नहीं रही. दुर्ग जिले के सोनपुर, रनचिरई , धूमा, पाटन, मर्रा का मिश्रा परिवार शोकसंतप्त हो गया. मै भी इस परिवार का एक हिस्सा हूँ . लक्ष्मी पूजा के दिन अंतिम संस्कार करना पड़ गया. चतुर्थी में अस्थि संचय निपटने के बाद भाईदूज के दिन एक और खबर मिली कि हमारे (तिवारी) परिवार में लक्ष्मी आई है. मैने सोंचा कि दिवाली नहीं मनी तो क्या हुआ, लक्ष्मी दर्शन तो कर ही लेता हूँ. इसके लिए मुझे रायपुर के कवर हास्पिटल तक जाना पड़ा. दर्शन कर बैठा ही था कि मेरे मोबाईल की घंटी बजी. सामने वाला बा-कायदा मुझे मेरे नाम से संबोधित कर बातें कर रहा था सो लगा कि कोई स्नेहीजन ही होगा. वह कह रहा था " भाई साहब, एक पीलर खोदते मुझे पुरान...ा सोना मिला है जो करीब दो किलो है. मै इसे आधी कीमत में दे दुंगा. मैने इसकी जाँच करवाई है, इसमें सोने की मात्रा नब्बे फीसदी है. रुपये और सोनार साथ ले आने की बात करते हुए उसने अपना पता( मथुरा से २८ किलोमीटर दूर बरसाना रजवाड़े के पास) भी बताया. लगातार वह अपने एक नंबर से मुझे फोन किये जा रहा है. कभी १०० रुपये का रिचार्ज करवा देने तो कभी कब आ रहे है? कितने लोग आ रहे है? सिर्फ दो लोग ही आना, मथुरा आने के बाद फोन करना तब मॉल कहाँ देखना है, जगह मै बताऊंगा. आपका सोनी, सोना जाँच लेगा और रूपये देकर आप सोना ले जाना." मैने सोचा कि पुलिस को वह नंबर दे दूँ जिसमे सोने की बू आ रही है. फिर सोचा- इससे होगा क्या? पुलिस फाईल में एक और शिकायत का इजाफा? मैने इस सच्चाई को आप लोगों के लिए यहाँ पोस्ट किया है कि आप लोग सजग रहें. इस तरह के सोनें की चमक ने छत्तीसगढ़ के कईयों की जान ले चुकी है.

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