Tuesday, 27 May 2014

" बजारनामा ....!!! "

 " हाथ ठेले में सब्जियां भरकर " टमाटर, धनिया, मिर्ची, गोभी, भिन्डी, भटा, बरबट्टी वाले...!!! " गलियों में चिल्लाते पहुंचने वाले के पास से ही तकरीबन सप्ताहभर से सब्जियां खरीद कर काम चल रहा था! दरअसल बाजार जाने की मेरी कोताही के चलते ऐसा हो रहा था! घर में आज पूर्वान्ह  जल्दी उठाकर मुझे थैला थमा ही दिया गया! बे-मन गोलबाजार पहुंचा और सब्जियां खरीदने लगा! बाजू में किशोरवय की तीन लड़कियों में से एक ने सब्जी वाले से पूछा- 'टमाटर कैसे दिए...???'  सब्जी वाले ने कहा- ' बीस रुपये किलो…!!!'  ' बाबाजी का ठुल्लू बीस रुपये…! दाम कम हो गया है समझे...!' कहकर खी...खी...खी... करते आगे बढ़ गई! मै सब्जी वाले को और सब्जी वाला मुझे देखते रह गया! ये कैसी संस्कृति और कैसा असर मित्रों....??? " 

2 comments:

  1. ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन मिलिये नए मंत्रीमंडल से - ब्लॉग बुलेटिन मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

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